सनातन धर्म में पूजा-पाठ के दौरान शंख बजाने का विशेष महत्व है। यही नहीं, किसी भी शुभ काम को शुरू करने से पहले हिंदू धर्म के अनुयायी शंख जरूर बजाते हैं। साथ ही शंख बजाने से पहले उसमें पानी डालकर पुरोहित पवित्रीकरण मंत्र का उच्चारण करते हुए सभी दिशाओं और मौजूद लोगों पर जल छिड़कते हैं। सनातन धर्म में शंख का इतना महत्व होने के बाद भी शंख और चक्रधारी भगवान विष्णु के मंदिर में ही शंख नहीं बजाया जाता है। नमस्कार मैं नलिनी गुसाईं उत्तराखंड की नौनी एक बार फिर से आप सभी का स्वागत करती हूं हमारे इस खास कार्यक्रम देवथाओ थे नमन में, दरअसल, बद्रीनाथ में पूजा अर्चना के समय कभी शंख नहीं बजाया जाता है। जानते हैं कि आखिर क्या वजह है, जो बद्रीधाम में शंख बजाना वर्जित है।

