क्या आपने कभी ऐसा मंदिर सुना है… जहाँ घंटी खुद बजती है और लोग कहते हैं — ‘देवता का फोन आ गया है?’ सुनिए आज एक ऐसे ही देवता की अनसुनी और अद्भुत कहानी…” आज हम बात करेंगे पौड़ी गढ़वाल में विराजमान कण्डोलिया देवता की, जिन्हें भगवान भोलानाथ का रूप माना जाता है। लेकिन यहां शिव सिर्फ पूज्य नहीं हैं —बल्कि संजीव चेतावनी भी हैं। इस मंदिर की एक प्राचीन मान्यता है कि जब भी नगर पर कोई संकट आने वाला होता है —चाहे वो भूस्खलन हो, कोई दुर्घटना, प्राकृतिक आपदा या बुरी शक्तियों का प्रभाव… मंदिर परिसर में रखी एक प्राचीन पीतल की घंटी अपने आप बज उठती है। जिसको लोग कहते हैं कि कण्डोलिया देवता का फोन आ गया।और सच में, इसके कुछ ही समय बाद कोई असामान्य घटना घटती है।लोग मानते हैं कि ये देवता की चेतावनी होती है यानी कि संकट से पहले का संदेश। एक बार की बात है — सालों पहले पौड़ी में रात के समय मंदिर की घंटी तीन बार खुद बजी। जिसके बाद लोग डर गए। सुबह होते ही पास के इलाके में भारी भूस्खलन हुआ। लेकिन चमत्कार देखिए — कोई जनहानि नहीं हुई।क्योंकि लोग पहले से सतर्क हो गए थे। यह मंदिर केवल पूजास्थल नहीं, बल्कि तांत्रिक साधनाओं का भी केंद्र रहा है।आज भी कुछ साधक यहां विशेष रात्रिकालीन अनुष्ठान करते हैं —लेकिन आम जनों को इसमें सम्मिलित होने की अनुमति नहीं होती। मंदिर के भीतर एक प्राचीन सुरंग मानी जाती है ल। जिसके बारे में कहा जाता है कि वह सीधे केदारनाथ तक जाती है।लेकिन सुरक्षा और परंपरा के कारण वह हमेशा बंद रहती है।

