तृतीय केदार तुंगनाथ महादेव की पैदल यात्रा चोपता से शुरू होती है ।यहां की पैदल यात्रा को सुगम बनाने के लिए घोड़े या खच्चरों का उपयोग किया जाता है । जब यही घोड़े खच्चर मालिक धरने पर बैठ जाते है तो यात्रियों को बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता है यही कुछ हाल तुंगनाथ मे थे । आए वीडियो के माध्यम से जानते हैं क्या कुछ कारण था इसके पीछे और क्या मांग थी वहां के घोड़े मालिको की ।

