भारत देश मे ये क्या होता जा रहा है। निर्भया के बाद अभया क्या इसी तरह से लड़कियों के नाम बदलते जाएंगे लेकिन ये वहशी दरिंदें नहीं रुकेंगे। अरे उत्तराखंड की ही अकेले बात करें तो इस शांत वादियों वाली देवभूमि में आए दिन शर्मशार करने वाली घटनाये हो रही हैं। यहां अंकिता भंडारी के लिए न्याय को लेकर धरने प्रदर्शन हो ही रहे थे कि रोडवेज की बस में पांच दैत्यों ने नाबालिग के साथ रेप कर दिया। आखिर कहां से आती है इनमें इतना सब गलत करने की हिम्मत। महिला सशक्तिकरण की बाते करने वाली सरकारे आती हैं और अपना स्वार्थ साधती चली जाती है। साथ ही हौसले बुलंद कर देती हैं इन लोगों के जो इंसान के भेष में राक्षस छुपे बैठे हैं। आरजी कर मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर से दुष्कर्म के बाद हत्या का मामला अब राष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है । पूरे देश में प्रदर्शन हो रहा है तो वही कोलकाता कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने घटना की जांच शुरू कर दी थी। कोलकाता की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर आरोप लगाए हैं तो वहीं भाजपा इस मुद्दे पर सरकार को घेर रही है । इस केस में जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई है, उसने सभी को हैरान कर दिया है। बड़ी बात यह है कि रेप की पुष्टि अब रिपोर्ट में भी हो चुकी है, इसके ऊपर पता चला है कि आरोपी ने दो बार लड़की का गला घोंटा था। जानकारी तो यह भी मिली है कि आरोपी पहले से ही मानसिक रूप से विकृत रहा है। उसकी चार पत्नियां रह चुकी हैं, तीन छोड़कर चली गईं तो चौथी की कैंसर से मौत हो गई। हाल ही में उत्तराखंड में हुई शर्मनाक घटना के बारे में बात करें तो मुरादाबाद की नाबालिग लड़की से दिल्ली से देहरादून जाने वाली उत्तराखंड रोडवेज की बस में दुष्कर्म के मामले ने सबको हिला दिया है। इस घटना के बाद से नाबालिग लड़की की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है. पुलिस ने मामले में बस ड्राइवर सहित 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. दिल्ली से उत्तराखंड रोडवेज की बस में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म का मामला सामने आया है. SSP ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बस ड्राइवर, कंडक्टर समेत 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. जानकारी के मुताबिक, पीड़िता उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले की रहने वाली है. वारदात के बाद से नाबालिग लड़की की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है. बताया गया कि 12 अगस्त की रात को 12:30 बजे वह दिल्ली के आईएसबीटी से उत्तराखंड रोडवेज से देहरादून पहुंची थी. इसी दौरान आधी रात नाबालिग के साथ दुष्कर्म की बात सामने आई. देहरादून आईएसबीटी बस गैंगरेप कांड के बाद बागेश्वर में भी नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया. गरुड़ तहसील क्षेत्र के गांव में नाबालिग लड़की के साथ रेप किया गया है. इस मामले में राजस्व पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है. आरोपी कोई और नहीं, बल्कि नाबालिग पीड़िता का ताऊ ही बताया जा रहा है।जानकारी के मुताबिक 19 अगस्त को रक्षा बंधन के दिन नाबालिग लड़की जंगलों में गाय चराने गई थी. नाबालिग के साथ उसका ताऊ भी गया था. तभी नाबालिग भतीजी को अकेला पाकर ताऊ ने उसके साथ जबरदस्ती की. बताया जा रहा है कि ताऊ की इस हरकत के बाद नाबालिग रोते हुए अपने घर पहुंची. घर पर पीड़िता ने सारी बात अपनी मां को बताई. भारी बारिश होने के कारण मां अपनी बेटी को हॉस्पिटल नहीं ले जा पाई और न ही राजस्व पुलिस को सूचना दे पाई. वारदात के अगले दिन मंगलवार 20 अगस्त को मां अपनी बेटी को लेकर सीएचसी बैजनाथ पहुंची. यहीं पर मां ने पुलिस व तहसील प्रशासन को मामले की जानकारी दी.बैजनाथ अस्पताल में डॉ हेमा ने नाबालिग की प्रारंभिक जांच की और मेडिकल के लिए जिला अस्पताल भेज दिया. मामले की रिपोर्ट दर्ज करा दी गयी है। और अब हाल ही में एक नया मामला सामने आया है, जहां एक 16 वर्षीय नाबालिका के साथ रेप का मामला दर्ज हुआ है। ये मामला पिथौरागढ़ के गंगोलीघाट का है। यहां 3 उत्तराखंड के युवकों ने ही इस शर्मशार घटना को अंजाम दिया, मामले का पता तब चला जब किशोरी के पिता ने इस पूरे मामले की शिकायत थाने में दर्ज की जहां एक बड़ी साजिश का खुलासा सामने हुआ है, जहां इस पूरी घटना में एक महिला के शामिल होने का खुलासा हुआ है, वह महिला बालिका को मां की उम्र की बताई जा रही है, कहा जा रहा है की इस घटना को पैसे के लिए अंजाम दिया जा सकता है, लेकिन ये सच में शर्मशार कर देने वाली घटना है, जहां, एक महिला को उस बच्ची की मदत करनी चाहिए थी। वही उन दरिंदों की हमदर्द बनकर उनका साथ दे रही थी। ये तो वो चंद मामले हैं जो सामने आ गए लेकिन कई ऐसे मामले भी हैं जहां खुद उनके घरवाले इन सभी चीजों में हकदार होते है और कई ऐसे मामले है जहां परिवार अपनो से ज्यादा समाज की चिंता करता है और उस झूठी इज्जत को बचाता फिरता है और इन मामलों को सामने नही आने देता और इसी की आड़ में हमारी बच्चियों को निशाना बना दिया जाता है। आखिर क्यों हमारे समाज मे ये विकृत मानसिकता के लोग खुले घूम रहे हैं, आखिर क्यों इनको ये डर नहीं है कि हम किसी बच्ची, बहन , माँ के साथ गलत करेंगे तो हमारे देश का कानून हमको ऐसी सजा देगा जिसको सुनकर ही रुह कांप जाएं। हमारे समाज के लोग हमको जिंदा दफन कर देंगे। और सरकार इस तरह के कानून को लाने में विफल हो रही हैं तो छोड़ दीजिए इन दरिंदो को पब्लिक के हवाले, ताकि फिर कोई निर्भया, अभया तड़प तड़प कर दम न तोड़े। किसी माता पिता की कोख यू सुनी न हो। कोई दरिंदा खुले आम न घूमे।

